घंटे जो याद नहीं रखे जाते, दर्ज होते हैं।
स्टाफ़ दुकान पर अपने ही फ़ोन से हाज़िरी लगाते हैं, जगह भी दर्ज होती है। हाज़िरी सीधे छुट्टी के हिसाब, ओवरटाइम और पेरोल में जाती है, इसलिए महीने की तनख़्वाह एक गणना है, बहस नहीं।
किसके लिए: हर वह दुकान जहाँ ड्यूटी सूची में दो-तीन से ज़्यादा लोग हैं।